दोस्तों जैसा की आप लोग जानते है रतन टाटा का निधन हो गया है। अब सभी के मन में ये सवाल है की आखिर टाटा समूह का उत्तराधिकारी कौन होगा । कौन संभालेगा टाटा का कमान। तो सबसे पहले जो नाम आ रहा वो है नोएल टाटा का जो चलिए जानते है आखिर नोएल टाटा है कौन।

कौन हैं नोएल टाटा?
नोएल टाटा एक भारतीय बिजनेसमैन हैं और टाटा परिवार के सदस्य हैं। वह रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। नोएल टाटा के पिता, नवल टाटा ने दूसरी शादी सिमोन टाटा से की थी, जिनसे नोएल का जन्म हुआ। टाटा समूह के साथ नोएल टाटा का गहरा संबंध है, और वह चार दशकों से ज्यादा समय से इस समूह से जुड़े हुए हैं।
NOEL TATA वर्तमान में टाटा इंटरनेशनल के चेयरमैन हैं, जो टाटा समूह की एक प्रमुख कंपनी है। इसके अलावा, उन्होंने टाटा ग्रुप के अन्य व्यापारों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जैसे कि टाइटन कंपनी और ट्रेंट लिमिटेड, जो रिटेल सेक्टर में काम करती हैं।
हाल ही में रतन टाटा के उत्तराधिकारी के रूप में उनका नाम चर्चा में है क्योंकि उन्होंने टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
Ratan Tata Biography: रतन टाटा जीवन परिचय एवं प्रारंभिक जीवन।
नोएल टाटा कौन हैं, और क्यों माना जा रहा है कि वे रतन टाटा के उत्तराधिकारी बन सकते हैं?
एक खास ऐतिहासिक तथ्य है कि सिर्फ पारसी समुदाय के लोग ही अब तक टाटा ट्रस्ट की कमान संभालते आए हैं। यही कारण है कि नोएल टाटा का नाम रतन टाटा के उत्तराधिकारी के तौर पर सबसे ज्यादा चर्चा में है। रतन टाटा, जो एक बड़े बिजनेसमैन थे, का बुधवार की रात निधन हो गया, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
अब सवाल उठ रहा है कि उनके बाद टाटा ट्रस्ट की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी, और इसमें NOEL TATA का नाम सबसे आगे है। नोएल टाटा रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। उनके पिता, नवल टाटा ने दो शादियां की थीं। उनकी दूसरी पत्नी सिमोन टाटा से नोएल का जन्म हुआ था।
नोएल टाटा का दावा क्यों मजबूत है?
रतन टाटा ने अपने जीवनकाल में किसी को आधिकारिक रूप से अपना उत्तराधिकारी नहीं चुना था। अब टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टियों में से एक को अध्यक्ष चुना जाएगा। टाटा समूह के दो मुख्य ट्रस्ट हैं: सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट। इन दोनों ट्रस्टों के पास टाटा संस की लगभग 52% हिस्सेदारी है। टाटा संस, टाटा समूह की कंपनियों को चलाती है, जिनका कारोबार विमानन से लेकर एफएमसीजी तक फैला हुआ है।
दोनों ट्रस्टों में कुल 13 ट्रस्टी हैं, जिनमें NOEL TATA का नाम भी शामिल है। अन्य प्रमुख ट्रस्टियों में पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह, ऑटोमोबाइल उद्योग के दिग्गज वेणु श्रीनिवासन, और व्यवसायी मेहली मिस्त्री भी शामिल हैं। एक खास बात यह है कि अब तक टाटा ट्रस्ट की कमान सिर्फ पारसी समुदाय के लोगों के हाथ में रही है।
अगर NOEL TATA को ट्रस्ट का अध्यक्ष चुना जाता है, तो वे सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के 11वें और सर रतन टाटा ट्रस्ट के 6वें अध्यक्ष होंगे। NOEL TATA चार दशकों से टाटा समूह से जुड़े हुए हैं, जिससे उनका दावा और भी मजबूत हो जाता है।
NOEL TATA के बच्चों को मिली है महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
इस साल की शुरुआत में, टाटा ग्रुप ने नोएल टाटा के तीन बच्चों- लीआ, माया, और नेविल को अपनी पांच चैरिटी संस्थाओं का प्रमुख बनाया था। इन तीनों को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के पांच अलग-अलग ट्रस्टों का ट्रस्टी नियुक्त किया गया है। इन सभी पदों पर नियुक्ति के लिए रतन टाटा की स्वीकृति भी मिली थी।


















